नई दिल्ली, दिसम्बर 17 -- पंचकूला की विशेष सीबीआई अदालत ने मंगलवार को बड़ा फैसला सुनाया। गुरुग्राम के पूर्व चीफ जुडिशियल मजिस्ट्रेट रवनीत गर्ग, उनके रिटायर्ड सेशंस जज पिता केके गर्ग और मां रचना गर्ग को 2013 के दहेज मौत मामले में बरी कर दिया गया। यह मुकदमा 12 साल तक चला। अंत में सबूतों की कमी और गवाहों के पलटने से आरोपियों को क्लीन चिट मिल गई।गुरुग्राम में मिला था संदिग्ध शव 17 जुलाई 2013 को गुरुग्राम के पुलिस लाइंस परेड ग्राउंड में 28 साल की गीतांजलि गर्ग का शव मिला था। उनके शरीर पर चार गोली के घाव थे और पास में रवनीत गर्ग का लाइसेंड रिवॉल्वर पड़ा था। रवनीत उस समय जुडिशियल मजिस्ट्रेट थे, इसलिए मामला काफी चर्चा में आया। शुरुआत में स्थानीय पुलिस ने इसे आत्महत्या माना, लेकिन हरियाणा सरकार के आदेश पर अगस्त 2013 में जांच सीबीआई को सौंप दी गई।सी...
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