बगहा, फरवरी 28 -- बगहा कहने को तो तेजी से विकसित शहरी क्षेत्र है। लेकिन हकीकत यह है कि स्थानीय प्रशासन एक दशक बाद भी बस स्टैंड के लिए जमीन नहीं तलाश सका है। शहर में स्थाई बस स्टैंड का नहीं होना आज यहां की सबसे बड़ी समस्या बन चुका है। नतीजतन, उत्तर प्रदेश से लेकर वाल्मीकिनगर, हरनाटांड़ और बेतिया जाने वाली बसों के चालक अपनी गाड़ी को सड़कों पर ही खड़ी कर सवारी चढ़ाते हैं, जिससे मार्गों पर जाम लग जाते हैं। अलग-अलग रूट की बसें अलग-अलग जगहों पर खड़ी रहती हैं, जिससे यात्रियों को यह पता ही नहीं चल पाता कि कौन बस कहां से खुल रही है। सबसे बुरा हाल बगहा रेलवे ढाला और मुख्य चौराहों पर रहता है। स्थानीय निवासी रुपेश कुमार, नितेश कुमार, इम्तेयाज अंसारी और विक्की पंडित बताते हैं कि बसें सड़क किनारे खड़ी होने से फुटपाथ पूरी तरह जाम हो जाता है। बरसात के दिनों म...
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