झांसी, अप्रैल 18 -- झांसी। केवल दस गौवंश को ही पालकर गांव के पति पत्नी प्रति माह करीब 45 हजार रुपए की कमाई करने लगे है। उन्हें आजीविका मिशन के अन्तर्गत प्रेरित किया गया। इसके बाद अब सभी के बीच इनके नाम की खूब चर्चाएं हो रही है। ग्राम रुद करारी की अरुणा बताती है कि शुरूआत में कठिनाई आई पर सब कुछ आसान हो गया। बुंदेलखंड क्षेत्र में दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने की योगी सरकार की नीति से इस क्षेत्र में बड़ी संख्या में महिलाओं ने दुग्ध उत्पादन की ओर कदम बढ़ाया है। झांसी में उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के माध्यम से मिल्क प्रोड्यूसर कंपनी की शुरुआत होने और ग्रामीण क्षेत्रों में दुग्ध संकलन केंद्रों की स्थापना से पशुपालन और गोपालन की प्रवृत्ति बढ़ी है।झांसी यह भी पढ़ें- लखनऊ में आयोजित दुग्ध स्वर्ण महोत्सव में सम्मानित होते चंद्रप्रकाश के र...