लखीमपुरखीरी, जून 17 -- दस्तावेजों के पंजीकरण (रजिस्ट्री) कार्य को ई-पंजीकरण मॉडल के तहत निजी संस्थाओं या आउटसोर्सिंग या ठेके पर देने के प्रस्ताव को लेकर पलिया बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं ने विरोध किया। इसके बाद मुख्यमंत्री को सम्बोधित एक ज्ञापन एसडीएम आफिस को सौंपा। 16 जून 2026 में सरकार द्वारा जारी किए गए इस निर्देश के बाद से ही जमीनी स्तर पर तीखी प्रतिक्रिया शुरू हो गई है। दस्तावेज लेखकों (कातिबों), अधिवक्ताओं, स्टाम्प विक्रेताओं, कंप्यूटर ऑपरेटरों और मुंशियों का मानना है कि निजी कंपनियों या फ्रंट ऑफिस व्यवस्था के आने से उनका रोजगार पूरी तरह छिन जाएगा। इससे लाखों परिवारों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो जाएगा। अधिवक्ताओं का आरोप है कि निजी हाथों में काम सौंपने से पंजीकरण प्रक्रिया आम जनता के लिए और अधिक जटिल व खर्चीली हो जाएगी, जिससे ...