नई दिल्ली, अक्टूबर 20 -- राजस्थान में दशहरा सिर्फ रावण दहन और राम की जीत का पर्व नहीं है। यहां कहीं रावण को 20 फीट लंबी बीड़ी पिलाई जाती है, तो कहीं पहलवान कुश्ती के दांव-पेच दिखाकर उसके मिट्टी के पुतले को पैरों से कुचल देते हैं। एक जगह रावण के वध पर शोक मनाया जाता है, तो दूसरी जगह कभी हाथियों से उसके पुतलों को कुचलवाकर वध किया जाता था। यानी एक ही त्योहार, लेकिन रावण को लेकर मान्यताएं और परंपराएं बिल्कुल अलग-अलग। राजस्थान की इन परंपराओं में इतिहास भी है, आस्था भी और ऐसे दिलचस्प रंग भी, जो दशहरे को दूसरे त्योहारों से अलग बनाते हैं। कहीं पूरा गांव अयोध्या और लंका में बदल जाता है, तो कहीं रावण के ससुराल में उसकी मौत के बाद मंदिर धोया जाता है। आइए जानते हैं राजस्थान की दशहरे से जुड़ी 5 अनोखी परंपराएं।1. प्रतापगढ़ में रावण को पिलाई जाती है 20 ...