मुजफ्फर नगर, मार्च 30 -- मुजफ्फरनगर श्री बालाजी जन्मोत्सव के उपलक्ष्य में बालाजी धाम संकीर्तन भवन में आयोजित श्रीराम कथा के सातवें दिन कथा व्यास आचार्य शांतनु महाराज ने रामायण के प्रसंगों का वर्णन किया। कथा के दौरान जब राजा दशरथ के मरण और भगवान राम के वियोग का प्रसंग आया, तो पाण्डाल में मौजूद श्रद्धालुओं की आंखें नम हो गईं।कथावाचक आचार्य शांतनु महाराज ने बताया कि वन गमन के समय मंत्री सुमंत को निषादराज ने समझा-बुझाकर अयोध्या वापस भेजा। सुमंत के खाली हाथ लौटने पर पुत्र वियोग में राजा दशरथ के विलाप और उनके परलोक गमन का दृश्य अत्यंत हृदयविदारक था। दूसरी ओर, ननिहाल में अशुभ आशंकाओं से घिरे भरत जी को जब दूत ने अयोध्या की परिस्थितियों की सूचना दी, तो उनकी मनःस्थिति का वर्णन करते हुए महाराज ने कहा कि भरत का भाई के रूप में चरित्र गंगाजल की तरह पवि...
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