बलरामपुर, जनवरी 14 -- उतरौला, संवाददाता। सरकारी योजनाओं और विकास के दावों के बीच ब्लॉक उतरौला अंतर्गत ग्राम रुस्तमनगर की जमीनी हकीकत आज भी बदहाली की कहानी बयां कर रही है। गांव में सड़क जैसी बुनियादी सुविधा का अभाव ग्रामीणों के लिए रोजमर्रा की सबसे बड़ी समस्या बन चुकी है। हालात ऐसे हैं कि ग्रामीणों को पक्की सड़क छोड़कर खेतों की मेढ़ों और कच्चे एवं असुरक्षित रास्तों से होकर आवागमन करने को मजबूर होना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव की प्रमुख सड़कें पिछले लगभग दो दशक से ईंटों के पुराने खड़ंजों के सहारे किसी तरह टिकी हुई हैं। समय के साथ-साथ ये खड़ंजे भी पूरी तरह जर्जर हो चुके हैं। जगह-जगह ईंटें धंस गई हैं, बड़े-बड़े गड्ढे बन चुके हैं और कई हिस्सों में सड़क का नामोनिशान तक नहीं बचा है। इन हालात में इस पर पैदल चलना भी जोखिम भरा हो गया ह...