अल्मोड़ा, जून 20 -- मुकेश सक्टा ,सल्ट। मोहान स्थित आईएमपीसीएल के निजीकरण के विरोध में लोगों का गुस्सा बढ़ता जा रहा है। शनिवार को भी धरना-प्रदर्शन 20वें दिन भी पूरी ताकत के साथ जारी रहा। आंदोलनकारियों का साफ कहना है कि वह किसी भी हाल में निजीकरण का आदेश नहीं मानेंगे। कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों का आरोप है कि कंपनी को कौड़ियों के भाव महज 121 करोड़ में बेच दिया गया, जो सीधे तौर पर एक बड़ा अन्याय है। लगातार करोड़ों रुपये का शुद्ध मुनाफा कमाने के बावजूद इस सार्वजनिक संस्थान को बेचे जाने से यहाँ कार्यरत स्थायी, संविदा और आउटसोर्स के करीब 400 से अधिक कर्मियों के सामने रोजगार का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। यह भी पढ़ें- दवा फैक्ट्री के निजीकरण का आदेश नहीं मानेंगे कर्मी स्थानीय निवासियों का कहना है कि पहाड़ों में वैसे ही रोजगार के साधन सीमित हैं। ...