उन्नाव, नवम्बर 2 -- उन्नाव। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) सफीपुर में सरकारी दवाएं जलाए जाने की घटना ने स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जांच में यह खुलासा हुआ कि जलाए गए दवाओं की एक्सपायरी डेट 2026 और 2027 तक की थी। शासन ने मामले को गंभीर मानते हुए चीफ फार्मासिस्ट प्रेमशंकर को निलंबित कर दिया है, जबकि अधीक्षक को जांच पूरी होने तक मुख्यालय से संबद्ध किया गया है। सफीपुर सीएचसी पर शनिवार को सबसे अधिक खपत वाली दवाएं जलाए जाने का मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया। लेवोसेटिरिजिन टैबलेट, लिग्नोकेन जेल, पैरासीटामॉल टैबलेट और मेट्रोनिडाजोल सिरप जैसी नियमित जरूरत वाली दवाएं जलाए जाने की बात जब सामने आई तो सीएमओ डॉ. सत्यप्रकाश ने तत्काल एसीएमओ डॉ. आर.के. गौतम और डॉ. एच.एन. प्रसाद को घटना की जा...