दवा के अवैध कारोबार में पकड़े जाने पर सिर्फ नाम बदलते हैं चेहरे नहीं
लखनऊ, जुलाई 27 -- लखनऊ, विशेष संवाददाता यह भी पढ़ें- नकली दवा के अंतरराज्यीय गिरोह का भंडफोड़, मेरठ-उत्तराखंड में छापेमारी, एफआईआर लखनऊ के जानकीपुरम निवासी डा. सुरेश चौधरी का बाराबंकी में क्लीनिक है। हाल ही में डा. चौधरी की तबियत खराब हुई तो उन्होंने बाराबंकी स्थित केमिस्ट से दवा ले ली। दो दिनों तक दिन में तीन बार दवा लेने के बाद भी बुखार कम नहीं हुआ। दर्द की दवा भी बेअसर रही। उन्होंने फिर दूसरी जगह से दवा मंगाई। पहली खुराक लेते ही असर दिखने लगा। यह अकेला मामला नहीं है। अक्सर लोग शिकायत करते दिखते हैं कि दवा असर नहीं कर रही। कारण है नकली दवाओं का लगातार बढ़ता कारोबार。 यह भी पढ़ें- सेहत से खिलवाड़! यूपी में खपाई जा रही नकली दवा की खेप; कई फैक्ट्रियों पर रेड, 6 लाख कैप्सूल जब्तनकली दवा व्यापार का खुलासा तमाम थोक दवा लाइसेंस धारक भी इस खेल म...
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