फरीदाबाद, मार्च 11 -- फरीदाबाद। दवा कंपनियों द्वारा दवाइयों की कीमतों में बार-बार वृद्धि किए जाने के मुद्दे को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता कैलाश शर्मा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने कहा कि कई दवा कंपनियां अपनी दवाओं पर वास्तविक लागत से कई गुना अधिक अधिकतम खुदरा मूल्य (एमआरपी) अंकित करती हैं, जिससे आम जनता पर आर्थिक बोझ बढ़ता जा रहा है। पत्र में उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ दवाइयों की कीमतें उनकी वास्तविक लागत से 50 से 100 गुना तक निर्धारित की जाती हैं और कई मामलों में यह अंतर 100 से 200 गुना तक भी पहुंच जाता है। इसके अलावा कई कंपनियां एक वर्ष में तीन से चार बार दवाओं के दाम बढ़ा देती हैं, जिससे मरीजों को लगातार बढ़ती कीमतों का सामना करना पड़ता है। कैलाश शर्मा ने इस विषय की वैधानिकता की जांच कराने और...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.