मधुबनी, अप्रैल 28 -- सुरेश कुमा र झा। घोघरडीहा। लोग कुष्ठ को छुआछूत की बीमारी समझते हैं, लेकिन यह एक संक्रामक बीमारी है। कुष्ठ एक ऐसी बीमारी है जो हवा में मौजूद बैक्टीरिया के जरिए फैलती है। हवा में ये बैक्टीरिया किसी बीमार व्यक्ति से ही आते हैं।कुष्ठ के मरीज के खांसने, छींकने से लेप्रे बैक्टीरिया हवा में डिक्लेप कर लेता है और स्वस्थ व्यक्ति हवा में सांस लेकर नमी के उन कणों को अपने अंदर ले लेते हैं तो संभावनाएं बन सकती है कि वो भी इस बीमारी से संक्रमित हो जाए। प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ देवकांत दीपक ने बताया कुष्ठ के कई प्रकार होते हैं। यह भी पढ़ें- कोडरमा में राष्ट्रीय कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम को लेकर कर्मियों को प्रशिक्षण जिनमें लेप्रोमेट्स लेप्रोसी का केस सबसे खतरनाक है। इसके मरीज अन्य स्वास्थ्य मरीजों को जल्दी संक्रमित कर सकते हैं। इ...