मधुबनी, अप्रैल 14 -- भरत प्रसाद। लौकही। बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर दलित व कमजोर वर्गो के मसीहा थे। उनके द्वारा बनाये गये संविधान आज भी अनुकरणीय है। उक्त बाते टोला सेवक व तालिमी मरकज द्वारा लौकही प्रखंड मुख्यालय स्थित अम्बेडकर भवन में आयोजित 135 वीं जयंती के अवसर पर वक्ताओं ने कही। उनके द्वारा कहे गये शब्द शिक्षित बनों, संगठित हो और संघर्ष करों की चर्चा करते हुए सभी ने संविधान निर्माण में उनकी भूमिका पर विस्तार से प्रकाश डाले। उनके संघर्षपूर्ण जीवन की चर्चा करते हुए वक्ताओं ने कहा कि उन्हें कभी भुलाया नहीं जा सकता। दीप प्रज्वलित कर उद्घाटन के बाद सभी ने उनके चित्र पर पुष्प अपिर्त कर उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित किया। यह भी पढ़ें- जयंती के अवसर पर याद किए गए भीमराव अम्बेडकर मौके पर सभी ने अपने बच्चों को शिक्षित करने का संकल्प भी दुहराया। ...