हमीरपुर, जून 23 -- हमीरपुर, संवाददाता। दलित महिला से मारपीट में पिता-पुत्रों सहित चार के खिलाफ कोर्ट के आदेश पर मुकदमा दर्ज हुआ था। विशेष न्यायाधीश (एससी/एसटी) रनवीर सिंह की अदालत ने आरोपी पिता-पुत्रों को दोषी मानते हुए तीन वर्ष का कठोर कारावास व 38 हजार जुर्माने की सजा सुनाई। विशेष लोक अभियोजक (एससी/एसटी) विजय सिंह ने बताया कि राठ कोतवाली के सरसई गांव निवासी सुदामा पत्नी मोतीलाल ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रे को 28 सितंबर 2001 को प्रार्थना पत्र देकर बताया कि उसके पति को आवासीय पट्टा मिला था। जिसमें मवेशी बांधने के साथ ईंधन का भंडारण करती थी। उसके प्लाट के बगल में सोहनलाल का प्लाट है। जिसने अपने तीन पुत्रों कल्लू उर्फ खूबचंद्र, मंगल व किशोरा के के साथ मिलकर 21 सितंबर को उसके प्लाट में कब्जा करने का प्रयास किया। विरोध करने पर जातिसूचक शब्दों स...