दलमा में शिकार, आग और जलवायु परिवर्तन से बढ़ रहा खतरा
जमशेदपुर, जून 16 -- पूर्वी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां जिले तक फैले दलमा वन्यजीव अभयारण्य की जैव विविधता पर आधारित विस्तृत रिपोर्ट जारी की गई है। रिपोर्ट में अभयारण्य की समृद्ध प्राकृतिक संपदा के संरक्षण की आवश्यकता पर बल देते हुए बढ़ते पर्यावरणीय खतरों को लेकर चिंता जताई गई है। वर्ष 1976 में अधिसूचित दलमा वन्यजीव अभयारण्य लगभग 195 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैला हुआ है। जमशेदपुर के उत्तर-पूर्व में स्थित यह क्षेत्र हाथियों के प्रमुख आवागमन गलियारों में शामिल है और पूर्वी भारत के महत्वपूर्ण पारिस्थितिक क्षेत्रों में गिना जाता है। यहां साल, बांस, सागौन, महुआ, जामुन, पलाश और सेमल जैसे वृक्षों के घने वन मौजूद हैं, जो अनेक वन्य प्रजातियों को आश्रय प्रदान करते हैं।
जैव विविधता की स्थिति रिपोर्ट के अनुसार, दलमा में हाथी, तेंदुआ, स्लॉथ बियर, बार्...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.