जमशेदपुर, मार्च 12 -- दलमा में आयोजित तीन दिवसीय बर्ड महोत्सव के दौरान ग्रामीण बच्चों को बर्डिंग की बारीकियों और पक्षी संरक्षण के महत्व के बारे में जानकारी दी गई। कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में पक्षियों के प्रति जागरूकता बढ़ाना और उनके संरक्षण के लिए लोगों को प्रेरित करना था। महोत्सव के दौरान बच्चों को बताया गया कि कौन-कौन सी पक्षी प्रजातियां विलुप्त होने के कगार पर हैं और उन्हें किस प्रकार संरक्षित किया जा सकता है। विशेषज्ञों ने पक्षियों के रंग, आकार और आवाज के आधार पर उनकी पहचान करने के तरीके समझाए। साथ ही गांवों और आसपास के जंगलों में पक्षियों के पसंदीदा खान-पान और उनके प्राकृतिक आवास के बारे में भी जानकारी दी। पटमदा के राखाल गोराई ने बताया कि गांव के आसपास बगीचों में कई बार नाइटजार पक्षी देखे गए हैं। उन्होंने कहा कि गर्मी...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.