दर्शन से यथार्थ तक की रचनाओं का मंच बना काव्यार्चन
वाराणसी, जुलाई 1 -- वाराणसी। सुबह-ए-बनारस आनंद कानन के साहित्यिक प्रकल्प काव्यार्चन की 67वीं कड़ी दर्शन से यथार्थ तक की रचनाओं का मंच बना। मंगलवार को नगर के वरिष्ठ और युवा रचनाकारों ने महत्वपूर्ण विषयों पर रचनाएं सुनाईं। रचनाकार डॉ. महेंद्र तिवारी 'अलंकार' की अध्यक्षता में हुए काव्यपाठ की शुरुआत रचनाकार अनु मिश्रा ने किया। उन्होंने 'गंगा विपथगामिनी' के माध्यम से मां गंगा की पीड़ा के शब्दचित्र प्रस्तुत किए। इसके बाद 'पुरुष चिंतन' शीर्षक से रचना सुनाई। इस क्रम में ऋतु दीक्षित ने अपनी दो रचनाओं में जीवन की दो तस्वीरें पेश कीं। डॉ.रत्नेश वर्मा के संयोजन में हुए काव्यार्चन में वरिष्ठ गजलकार डॉ. प्रताप शंकर दुबे ने अपने खास अंदाज वाली ग़ज़लों से श्रोताओं को अपना मुरीद बना लिया। अंत में डॉ.महेंद्र अलंकार ने अध्यक्षीय काव्यपाठ करते हुए सुनाया 'को...
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