नई दिल्ली, फरवरी 12 -- सुप्रीम कोर्ट ने कर्नाटक के आलंद में स्थित लाडले मशक दरगाह और हिंदू संत राघव चैतन्य की समाधि परिसर में महाशिवरात्रि के दौरान पूजा करने पर रोक लगाने के अनुरोध वाली याचिका पर गुरुवार को सुनवाई से इनकार कर दिया। न्यायमूर्ति दीपांकर दत्ता और न्यायमूर्ति सतीश चंद्र शर्मा की पीठ ने कहा कि मामला कर्नाटक हाईकोर्ट में लंबित है, ऐसे में याचिकाकर्ता संविधान के अनुच्छेद-32 का सहारा नहीं ले सकते। सुप्रीम कोर्ट खलील अंसारी द्वारा दायर एक याचिका पर सुनवाई कर रहा था। याचिका में संपत्ति में हस्तक्षेप रोकने और निजी प्रतिवादियों द्वारा संपत्ति में किसी भी अवैध प्रवेश और आयोजन रोकने के साथ-साथ प्रवेश एवं पूजा की अनुमति देने वाले किसी भी अंतरिम आदेश पर रोक का अनुरोध किया गया था। यह तीर्थ स्थल 14वीं शताब्दी के सूफी संत और 15वीं शताब्दी क...