बरेली, जून 9 -- मौलाना तौसीफ रजा हत्याकांड में मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के बाद मृतक परिवार ने दरगाह आला हजरत और जमात रजा-ए-मुस्तफा के पदाधिकारियों का आभार जताया है। परिजनों का कहना है कि अगर दरगाह से जुड़े जिम्मेदार लोग मामले को गंभीरता से न उठाते तो शायद जांच इतनी तेजी से आगे नहीं बढ़ पाती। बिहार निवासी मौलाना तौसीफ रजा 26 अप्रैल को बरेली में आयोजित उर्स-ए-ताजुश्शरिया में शामिल होने आए थे। वापसी में उनके साथ यह घटना हो गई। परिवार ने न्याय की गुहार लगाई थी। जानकारी मिलते ही काजी-उल-हिंदुस्तान मुफ्ती असजद रजा खां ने संगठन की टीम को परिवार की मदद तथा कानूनी पैरवी में सक्रिय किया। इसके बाद जमात रजा-ए-मुस्तफा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सलमान मियां और राष्ट्रीय महासचिव फरमान मियां ने मामले की कमान संभाली। संगठन के पदाधिकारी मेहंदी हसन, शमीम अहमद न...