नई दिल्ली, नवम्बर 30 -- भारत में इंजीनियरिंग सिर्फ एक डिग्री नहीं, बल्कि लाखों युवाओं का सपना है। कोई इलेक्ट्रिकल इंजीनियर बनना चाहता है, तो कोई मैकेनिकल, केमिकल या सिविल इंजीनियरिंग का रास्ता चुनता है। मंजिल भले अलग हो, मगर रास्ता लगभग एक जैसा ही होता है कि कैसे JEE में अपना नाम दर्ज करा लिया जाए। पूछ लीजिए किसी भी इंजीनियरिंग अभ्यर्थी से, अच्छा कॉलेज चाहिए तो जवाब मिलेगा JEE ही एकमात्र रास्ता है। लेकिन कड़वा सच यह है कि हर कोई उसमें सफल नहीं होता।JEE में असफल होने के दबाव में टूट रहे छात्र देशभर में लाखों छात्र JEE की तैयारी करते हैं, लेकिन चयनित होने वालों की संख्या बेहद कम रहती है। जो बच्चे चयन सूची में नहीं आ पाते, वे कई बार खुद को दोष देने लगते हैं, अलग-थलग पड़ जाते हैं, और कुछ तो अवसाद तक पहुंच जाते हैं। सवाल ये है कि क्या ये सही त...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.