मुजफ्फरपुर, जुलाई 7 -- मुजफ्फरपुर, वरीय संवाददाता। जिले में अमूमन जुलाई में ही सबसे अधिक वर्षा होती रही है। जुलाई के पहले सप्ताह में औसतन 60 एमएम तक बारिश होती है। लेकिन, लगातार दूसरे साल जुलाई के पहले सप्ताह में पांच एमएम से भी कम बारिश दर्ज की गई है। भले ही जिले में मानसून का प्रवेश हो चुका है, लेकिन इस साल जुलाई में अब तक एक एमएम भी बारिश नहीं हुई है। पिछले साल मानसून के 20 दिन की देरी से आने के बावजूद 4.8 एमएम बारिश दर्ज की गई थी। मौसम विज्ञान विभाग इसके पीछे दक्षिण पश्चिम मानसून का कमजोर होना बता रहा है। पूसा स्थित ग्रामीण मौसम विज्ञान केंद्र के वरीय वैज्ञानिक डॉ. ए. सत्तार ने बताया कि जिले में दो तरह के मानसून से बारिश होती है। एक बंगाल की खाड़ी से आनेवाले और दूसरे अरब सागर की तरफ से होकर आनेवाले मानसून से जुलाई में अधिकांश बारिश हो...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.