पाकुड़, जून 27 -- पाकुड़, प्रतिनिधि। प्रधान न्यायाधीश, कुटुंब न्यायालय रजनीकांत पाठक के प्रयास से कुटुंब न्यायालय में चल रहे मूल भरण-पोषण वाद संख्या 70/2026 एवं मूल दांपत्य वाद संख्या 76/2026 दोनों मामलों में पारिवारिक मतभेदों को आपसी सहमति से सुलझा लिया गया। मध्यस्थता की प्रक्रिया के दौरान दंपतियों ने पुराने मतभेदों को भुलाकर फिर से साथ रहने का निर्णय लिया। इस अवसर पर प्रधान न्यायाधीश कुटुंब न्यायालय रजनीकांत पाठक ने दंपतियों को आपसी समझ, सहयोग और संवाद के साथ खुशहाल पारिवारिक जीवन जीने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि छोटे-मोटे विवादों को बातचीत और समझदारी से सुलझाकर परिवार में मधुरता बनाए रखें । इस दौरान दंपतियों को हंसी खुशी न्यायालय से विदा किया गया। मौके पर न्यायालय कर्मी, अधिवक्ता, परिजन एवं पैरा लीगल वॉलिंटियर्स उपस्थित थे।

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