गोरखपुर, मई 8 -- गोरखपुर, कार्यालय संवाददाता। माता-पिता से मिली अनुवांशिक बीमारी थैलेसीमिया केवल शरीर में हीमोग्लोबिन की कमी नहीं कर रहा है, बल्कि क्रम उम्र में ही उन्हें और शरीरिक तकलीफें दे रहा है। बीमारी की वजह से बार-बार खून चढ़ाने से थैलेसीमिया मरीजों को हृदय रोग का खतरा सबसे अधिक है। यह जानकारी बीआरडी मेडिकल कॉलेज के हृदय रोग विशेषज्ञ राजेंद्र सिंह ने थैलेसीमिया मरीजों की जांच में दी है। बताया कि 30 से 35 साल की उम्र तक हार्ट फेल या अन्य हृदय रोग का खतरा थैलेसीमिया मरीजों को सबसे अधिक है। ऐसी स्थिति में थौलेसीमिया पीड़ित हार्ट जांच कराते रहे। यह भी पढ़ें- अब जल्द ही मेडिकल कॉलेज में स्टेम सेल थेरपी से थैलेसीमिया का इलाज संभव होगाथैलेसीमिया और हृदय स्वास्थ्य डॉ. राजेंद्र सिंह ने बताया कि थैलेसीमिया पीड़ितों में हार्ट संबंधी दिक्कत की...