कानपुर, मई 8 -- कानपुर। विश्व थैलेसीमिया दिवस पर बाल रोग अकादमी की ओर से जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के बाल रोग विभाग में जागरूकता कार्यक्रम हुआ। इसमें बाल रोग विशेषज्ञों ने थैलेसीमिया की रोकथाम, समय पर पहचान एवं समुचित उपचार पर जोर दिया। सचिव डॉ. शैलेन्द्र गौतम ने बताया कि लगभग 1 से 1.5 लाख बच्चे एवं युवा थैलेसीमिया मेजर से प्रभावित हैं। प्रतिवर्ष 10 से 15 हजार नए बच्चे इस गंभीर आनुवंशिक रोग के साथ जन्म लेते हैं। यह भी पढ़ें- थैलेसीमिया दिवस पर जागरूकता कार्यशालाथैलेसीमिया की गंभीरता संयुक्त सचिव डॉ. पूर्णिमा सिंह ने बताया कि उत्तर प्रदेश में भी यह समस्या गंभीर है तथा कुछ समुदायों में इसकी व्यापकता अत्यधिक पाई गई है। विशेषज्ञों ने कहा कि विवाह पूर्व एवं गर्भावस्था के दौरान थैलेसीमिया स्क्रीनिंग इस रोग की रोकथाम का सबसे प्रभावी उपाय है। पूर्व स...