थैलीकरण से लीची फलों पर कम होता है कीट का प्रकोप : डॉ. सुनील
मुजफ्फरपुर, अप्रैल 17 -- मुजफ्फरपुर/मुशहरी, हिटी। जलवायु परिवर्तन और मौसम की मार से जूझ रहे लीची किसानों के लिए राष्ट्रीय लीची अनुसंधान केन्द्र मुशहरी के वैज्ञानिकों ने जागरूकता अभियान शुरू किया है। पहला दो दिवसीय अभियान मुशहरी प्रखंड के मणिका हरिकेश एवं सुतिहारा शिवराम में शुक्रवार को संपन्न हुआ। इस दौरान केन्द्र के फल वैज्ञानिक डॉ. सुनील कुमार ने किसानों को वर्तमान समय में लीची के गुच्छों के थैलीकरण की उपयोगिता के बारे में बताया।कहा कि अप्रैल में थैलीकरण करने से लीची फलों को कीट प्रकोप से काफी हद तक बचाया जा सकता है। साथ ही, अत्यधिक गर्मी एवं पछुआ हवा के प्रभाव से फलों के जलने एवं फटने की समस्या भी कम हो जाती है। डॉ. प्रभात कुमार ने लीची बागानों में संतुलित मात्रा में उर्वरकों के प्रयोग पर जोर दिया। उन्होंने किसानों को लीची तुड़ाई के बा...
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