नई दिल्ली, सितम्बर 16 -- भारत में खाने-पीने की बढ़ती कीमतों की तस्वीर देखनी है तो पारंपरिक थाली से बेहतर उदाहरण नहीं है। यह आम भोजन है, जिसमें देश के रोजमर्रा के कई खाने-पीने की चीजें एक ही प्लेट में आ जाती हैं। यही चीजें अब घर के बजट का बड़ा हिस्सा खा रही है। कुछ ग्रामीण परिवारों में हर महीने के खर्च का करीब आधा हिस्सा खाने पर जाता है और शहरों में यह लगभग 40% है। अगस्त के उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के मुताबिक अधिकतर रेसीपी की बुनियाद प्याज पिछले साल की तुलना में करीब 50% महंगा हो गया है। वनस्पति तेल भी महंगा हो रहा है और स्वाद के लिए जरूरी अदरक 70% से ज्यादा महंगा हो गया है।महंगाई के पीछे क्या हैं वजहें मानसून आम तौर पर कमजोर रहा और खेत प्यासे रह गए। ईरान और यूक्रेन में युद्ध वैश्विक स्तर पर फसलों और ईंधन की कीमतें बढ़ा रहे हैं। खुदरा महंगाई...