रुद्रपुर, फरवरी 25 -- खटीमा, संवाददाता। खटीमा के थरुवाट क्षेत्र में इन दिनों गांव-गांव में होली की धूम मची है। हर घर के आंगन में होलियारों के झुंड पहुंचकर ढोल और मजीरे की थाप पर विशेष शैली में नृत्य कर रहे हैं। गृहस्वामी होलियारों को सम्मान स्वरूप गुड़ और मिठाई भेंट कर रहे हैं। थरुवाट में होलिका दहन के बाद भी कुछ क्षेत्रों में 'मरी होली' खेलने की परंपरा आज भी जीवित है। यहां थरुवाट के थारू जनजाति समुदाय के लोग शिवरात्रि से होलिका दहन तक 'जिंदा होली' और उसके बाद आठ दिन तक 'मरी होली' मनाते हैं। शिवरात्रि के दूसरे दिन से होली का शुभारंभ होता है। होली के दौरान महिलाएं और पुरुष टोलियों में एकत्र होकर गांव के प्रत्येक घर में जाते हैं और बड़े ढोल की थाप पर देर रात तक थिरकते हैं। थारू होली में महिलाओं और पुरुषों की समान भागीदारी इसकी विशेष पहचान ह...