लखनऊ, अप्रैल 4 -- त्वचा पर दाग-धब्बे, बालों का झड़ना और जोड़ों में दर्द की परेशानी हो तो संजीदा हो जाना चाहिए। इन लक्षणों को सामान्य मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। यह ऑटोइम्यून डिजीज ल्यूपस हो सकती है। त्वचा संबंधी यह गंभीर बीमारी लिवर, किडनी और दिल की सेहत को भी नुकसान पहुंचा सकती है। यह जानकारी लोहिया संस्थान में पैथोलॉजी विभाग की अध्यक्ष डॉ. नुजहत हुसैन ने दी। वह शनिवार को लोहिया संस्थान प्रेक्षागृह में पैथोलॉजी विभाग की ओर से आयोजित डीकोडिंग ऑटोइम्यून डिसऑर्डर्स सेमिनार को संबोधित कर रही थीं। डॉ. नुजहत हुसैन ने कहा कि ल्यूपस बीमारी पुरुषों के मुकाबले महिलाओं में अधिक होती है। जांच व समय पर इलाज से बीमारी ठीक हो सकती है। ऑटोइम्यून विकार तब होते हैं जब रोग प्रतिरोधक क्षमता गलती से शरीर के खिलाफ काम करती है। अपनी ही कोशिकाओं पर हमला करत...