धनबाद, अप्रैल 19 -- वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को अक्षय तृतीया का पर्व मनाया जाता है। रविवार को त्रिपुष्कर योग में अक्षय तृतीया का त्योहार मनाया जाएगा। शास्त्रों में इस तिथि को अबूझ मुहूर्त कहा जाता है, यानी इस दिन बिना विशेष मुहूर्त निकाले भी सभी मांगलिक कार्य किए जा सकते हैं। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार इसी तिथि से त्रेता युग का आरंभ हुआ था और भगवान परशुराम का जन्म भी इसी दिन हुआ था। इस वर्ष अक्षय तृतीया पर त्रिपुष्कर, गजकेसरी, मालव्य और अक्षय जैसे कई शुभ राजयोग बन रहे हैं, जिससे इस दिन का महत्व और बढ़ गया है। यह भी पढ़ें- Akshaya Tritiya 2026 Greetings: अक्षय तृतीया पर भेजने के लिए यहां पढ़ें लेटेस्ट विशेज, सातवीं वाली है सबसे खास पंडित रमेशचंद्र बताते हैं कि सूर्य और चंद्रमा के उच्च राशि में होने से विशेष अक्षय योग का निर्...