नई दिल्ली, मई 30 -- त्रिपुरा की एक विशेष सीबीआई कोर्ट ने शनिवार को एक चिट फंड कंपनी के तीन अधिकारियों को छह-छह साल की कठोर कारावास की सजा सुनाई। दोषियों पर 800 से ज्यादा जमाकर्ताओं से 5.5 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की है। विशेष सीबीआई जज, देबाशीष कर ने उनाकोटी के जिला मजिस्ट्रेट को यह भी निर्देश दिया कि वे 'प्रगतिशील इंफ्रा प्रोजेक्ट सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड' की संपत्तियों को जब्त कर लें, ताकि ठगे गए जमाकर्ताओं को उनका पैसा वापस किया जा सके। वकील ने बताया कि 'प्रगतिशील इंफ्रा प्रोजेक्ट सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड' नामक चिट फंड कंपनी ने 2009 में त्रिपुरा के उनाकोटी जिले में अपना काम शुरू किया था। कंपनी ने लोगों को अच्छा रिटर्न का भरोसा देते हुए रकम इकट‌्ठा की थी। लेकिन, 2012 में कंपनी ने संबंधित जमाकर्ताओं को भुगतान करना बंद कर दिया। इससे नारा...