भागलपुर, मार्च 31 -- सरस्वती विद्या मंदिर अजगैवीनाथ धाम में सोमवार को त्रिदिवसीय आचार्य कार्यशाला का शुभारंभ हुआ। संरक्षक डॉ. अजीत जायसवाल, अध्यक्ष डॉ. ब्रह्मदेव नारायण सत्यम तथा प्रधानाचार्य अश्विनी कुमार ने कार्यक्रम का शुभारंभ किया। अध्यक्ष डॉ. ब्रह्मदेव नारायण सत्यम ने कहा कि शिक्षकों को सर्वप्रथम विद्यार्थी बनकर विषय-वस्तु से खुद को सन्निहित करना होगा। शैक्षिक, वैचारिक और व्यक्तित्व विकास के साथ-साथ कार्यशाला में विगत कार्ययोजना का विश्लेषण, लक्ष्य निर्धारण, जिम्मेदारी का बंटवारा तथा निगरानी ये चार प्रमुख स्तंभ हैं, जिन्हें संजोकर शिक्षकों को खुद को निखारना होगा।
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