चंदौली, जुलाई 30 -- चहनियां, हिन्दुस्तान संवाद। गंगा नदी का कटान अब विकराल रूप ले चुका है। सराय से लेकर बिसुपुर तक अब तक सैकड़ों बिस्सा उपजाऊ जमीन गंगा में समाहित हो चुकी है। कटान का दायरा लगातार बढ़ने से बिसुपुर गांव में स्थित त्रिदंडी स्वामी महाराज का अतिप्राचीन आश्रम भी खतरे की जद में आ गया है। ग्रामीणों के अनुसार आश्रम अब कटान बिंदु से महज 150 मीटर की दूरी पर रह गया है। यदि समय रहते बचाव के उपाय नहीं किए गए तो यह दिव्य आश्रम भी गंगा की धारा में विलीन हो सकता है। गांव के विजय कांत पाण्डेय ने बताया कि जब से होश संभाला है तब से हमारी जमीन गंगा में कट रही है। यह भी पढ़ें- Balia News: सरयू में समाया ब्रह्मदत्त और शिवदत्त का आशियाना हर साल 8 से 10 फुट जमीन गंगा में समा जाती है। ग्रामीण सत्यप्रकाश दुबे का कहना है कि इस समस्या को लेकर चंदौली ...