नई दिल्ली, मई 12 -- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से ईंधन की बचत करने, गैर-जरूरी विदेश यात्राओं से बचने, डेस्टिनेशन विवाह से दूरी बरतने, सोने की खरीद कम करने और घरेलू पर्यटन को बढ़ावा देने की अपील की है। उनका तर्क है कि भारत आज भी ऊर्जा जरूरतों के लिए बड़े पैमाने पर आयातित ईंधन पर निर्भर है। ऐसे में, यदि देश ईंधन की खपत कम करेगा, तो विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव घटेगा और आर्थिक आत्मनिर्भरता मजबूत होगी। यह बात पूरी तरह सही और व्यावहारिक है। वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव भारत जैसी अर्थव्यवस्था को सीधे प्रभावित करता है, इसलिए बचत और संयम की आवश्यकता से इनकार नहीं किया जा सकता। हालांकि, बड़ा सवाल यह है कि क्या यह त्याग केवल आम जनता के लिए है? क्या इसकी शुरुआत सत्ता और विशेषाधिकार प्राप्त वर्ग से नहीं होनी चाहिए? ज...