मुरादाबाद, मई 20 -- चौराहा गली स्थित श्री हरि संकीर्तन मंडल मंदिर चूं चूं वाले में चल रही श्रीमद् भागवत कथा के अंतिम दिप कथा व्यास आचार्य पंडित अश्विनी मिश्र ने कहा भगवान कृष्ण और सुदामा की मित्रता त्याग और प्रेम का प्रतीक है। बिना मांगे ही द्वारिकाधीश ने सुदामा को दोनों लोक का एश्वर्य प्रदान कर दिया। इससे प्रतीत होता है प्रभु अपने भक्त के हृदय का भाव देखते हैं, धन दौलत नहीं। अंत में उन्होंने बताया शुकदेव ने राजा परीक्षित से पूछा कि तुम्हें अपनी मृत्यु का भय है। राजा परीक्षित ने जवाब दिया नहीं। भागवत कथा सुनने के बाद मृत्यु का भय नहीं क्योंकि आत्मा अमर है। यह भी पढ़ें- गोवर्धन की महिमा सुन भावविभोर हुए श्रद्धालु व्यवस्था में मोहित सुनेजा, मगा सुनेजा, रचित अग्रवाल, अतुल अग्रवाल, निखिल अग्रवाल, सुधांशु अग्रवाल, अर्जुन अग्रवाल, राम मेहरोत्रा...