नई दिल्ली, अप्रैल 17 -- इंडियन प्रीमियर लीग यानी आईपीएल की जब 2008 में शुरुआत हुई तो फ्रेंचाइजियों ने आम तौर पर अपने गृह राज्य या शहर के खिलाड़ियों को प्राथमिकता दी थी। मिसाल के तौर पर सचिन तेंदुलकर- मुंबई इंडियंस, राहुल द्रविड़- आरसीबी, वीरेंदर सहवाग- दिल्ली डेयरडेविल्स (अब दिल्ली कैपिटल्स)। तब दिल्ली के विराट कोहली युवा और उभरते हुए स्टार थे। दिल्ली कैपिटल्स (डेयर डेविल्स) कोहली को अपने साथ तो जोड़ना चाहती थी लेकिन ऐसा हो नहीं पाया। अब वीरेंदर सहवाग ने खुलासा किया है कि आखिर कोहली को दिल्ली से जोड़ने में पेच कहां फंसा। दिल्ली कैपिटल्स ने उनकी जगह पर प्रदीप सांगवान पर दांव क्यों खेला? जियोहॉटस्टार पर जियोस्टार एक्सपर्ट सहवाग ने खुलासा किया कि दिल्ली कैपिटल्स का टॉप ऑर्डर बैटिंग लाइन-अप पूरी तरह से भरा हुआ था। उसके पास कई बल्लेबाज थे लेकि...