वाराणसी, अप्रैल 30 -- वाराणसी, प्रमुख संवाददाता। दरभंगा घाट पर संचालित सरस्वती स्वीमिंग एसोसिएशन ने इस साल अपने 90 साल पूरे किए। आजादी के पहले ही इस संस्था ने देश को न केवल मेडलिस्ट तैराक दिये बल्कि इसका जुड़ाव स्वतंत्रता आंदोलन से भी रहा है। वर्तमान में यह संस्थान प्रति वर्ष औसतन 150 नए तैराक काशी को दे रही है। दरभंगा घाट पर अभ्यास शुरू है। 13 और 14 जून को गंगाश्री उपाधि से लेकर अलग-अलग आयु एवं दूरी पर आधारित प्रतियोगिताएं भी कराई जाएंगी।

संस्थान की स्थापना एसोसिएशन के मौजूदा महासचिव नारायण चटर्जी बताते हैं, सन 1936 में सचिन नाग, शोभा रंजन चटर्जी, साधो सेठ, तरित भूषण बनर्जी, जीवन कृष्ण चौधरी, गोपाली चटर्जी आदि ने इसकी नींव रखी। ये उस समय के शहर के नामी तैराक थे। पांडेय हवेली, दशाश्वमेध घाट, देवनाथपुरा के निवासी बंगाली परिवार के इन तैराक...