फरीदाबाद, अप्रैल 9 -- फरीदाबाद, धनंजय चौहान। जेसी बोस विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, वाईएमसीए के इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग विभाग द्वारा आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन किया गया, जिसमें देशभर से आए वैज्ञानिकों, शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं और छात्र-छात्राओं ने भाग लेकर कृषि के भविष्य पर गहन चर्चा की।विशेषज्ञों ने बताया कि एआई आधारित फसल पूर्वानुमान से किसानों को पहले ही उत्पादन का सटीक आकलन मिल सकेगा, जिससे बाजार रणनीति बेहतर बनाई जा सकेगी। वहीं, स्मार्ट सिंचाई प्रणालियों के उपयोग से पानी और लागत दोनों में उल्लेखनीय कमी आएगी। कार्यक्रम के दौरान सेंसर और सैटेलाइट तकनीक के जरिए खेतों की निगरानी पर भी विस्तार से चर्चा हुई। वक्ताओं ने कहा कि इन तकनीकों से फसलों में होने वाली बीमारियों और कीटों का समय रहते पता लगाया जा सकता है,...