नई दिल्ली, मई 11 -- oil crisis india; कच्चे तेल की कीमतों में आई तेज उछाल अब सिर्फ पेट्रोल पंप तक सीमित नहीं रहने वाली है, बल्कि इसका असर आम आदमी की जेब पर कई तरफ से पड़ सकता है। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और ब्रेंट क्रूड के 100 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंचने से भारत जैसे बड़े तेल आयातक देश पर दबाव बढ़ गया है। भारत अपनी जरूरत का लगभग 85-90% कच्चा तेल विदेशों से खरीदता है, इसलिए अंतरराष्ट्रीय बाजार में थोड़ी भी हलचल सीधे देश की अर्थव्यवस्था और लोगों के रोजमर्रा के खर्च पर असर डालती है। आने वाले दिनों में इसका सबसे बड़ा असर आपकी EMI, किराने के बिल और सैलरी ग्रोथ पर देखने को मिल सकता है। आइए इसको जरा विस्तार से समझते हैं। यह भी पढ़ें- Rs.5 प्रति लीटर महंगा होगा पेट्रोल-डीजल? देश में 60 दिन का तेल, 45 दिनों की LPG सबसे पहले बात करें पेट्रोल-...