नई दिल्ली, मार्च 8 -- अमेरिका और इजरायल के साथ ईरान के बीच चल रहे युद्ध में अब पानी की सुविधाएं भी निशाने पर हैं। दुनिया का ध्यान कच्चे तेल की कीमतों और प्रोडक्शन पर है। विशेषज्ञों का मानना है कि मरुस्थलीय खाड़ी क्षेत्र में पानी सबसे कमजोर और अहम संसाधन है। डिसैलिनेशन प्लांट्स (समुद्री पानी से पीने का पानी बनाने वाली यूनिट्स) अब संघर्ष का बड़ा टारगेट बन रहे हैं, क्योंकि ये क्षेत्र की अधिकांश आबादी के लिए जीवनरेखा हैं। ईरान और खाड़ी देशों के बीच हमले बढ़ने से नागरिक बुनियादी ढांचे पर खतरा मंडरा रहा है, जो युद्ध को और खतरनाक बना सकता है। यह भी पढ़ें- कांग्रेस को ट्रंप की चेतावनी; सेव अमेरिका एक्ट के बिना कोई बिल साइन नहीं हाल के घटनाक्रमों में 2 मार्च को ईरान ने दुबई के जेबेल अली पोर्ट पर हमला किया, जो दुनिया के सबसे बड़े डिसैलिनेशन प्लांट ...
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