नई दिल्ली, सितम्बर 5 -- महीनों तक चले अमेरिका के बमबारी अभियानों और नए व कड़े प्रतिबंधों के बाद ईरान एक गंभीर आर्थिक और ईंधन संकट के मुहाने पर खड़ा हो गया है। 'रॉयटर्स' की रिपोर्ट के अनुसार, तेहरान के एक वरिष्ठ अधिकारी ने पुष्टि की है कि देश के पास अब केवल दो महीने का ईंधन रिजर्व बाकी बचा है। अपनी ही रिफाइनरियों के बुरी तरह क्षतिग्रस्त होने और मरम्मत के लिए पैसे न होने के कारण, तेल समृद्ध ईरान अब खुद पेट्रोल (Gasoline) आयात करने को मजबूर है।इतिहास के सबसे कड़े प्रतिबंध अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने हाल ही में ईरान के खिलाफ "ऑपरेशन इकोनॉमिक आउटकास्ट" का ऐलान करते हुए इसे ईरान के खिलाफ "इकोनॉमिक डी-डे" करार दिया था। यह भी पढ़ें- ईरान के साथ युद्ध अब ज्यादा लंबा नहीं चलेगा : ट्रंप वाशिंगटन ने ईरान के कैस नेटवर्क, अंतरराष्ट्रीय फाइनेंस...