नई दिल्ली, जुलाई 30 -- ईरान-अमेरिका युद्ध में सऊदी अरब के कूदने और इसकी आग इराक तक फैलने की वजह से कच्चा तेल उबलने लगा है। ब्रेंट क्रूड 100 डॉलर प्रति बैरल की ओर कदम बढ़ा दिया है। इससे भारत में पेट्रोल-डीजल के सस्ता होने की उम्मीदों को झटका लगा है। साथ ही कच्चे तेल के महंगा होने का असर शैंपू से लेकर सड़क बनाने तक पर पड़ता है। एक अनुमान के मुताबिक एक बैरल कच्चे तेल में 10 डॉलर की बढ़ोतरी की वजह से कंपनियों को करीब 6 रुपये प्रति लीटर का नुकसान होता है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ईरान पर नए हमलों की धमकी और अमेरिकी तेल भंडार में आई गिरावट के बाद कच्चे तेल की कीमतों में एक बार फिर आग लग गई है। खासकर ब्रेंट क्रूड के भाव में। बुधवार को ब्रेंट क्रूड 7.91 प्रतिशत की तेज उछाल के साथ 90.74 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया है। दूसरी ओर अब वेस्ट...