नई दिल्ली, अप्रैल 23 -- नई दिल्ली, विशेष संवाददाता। पश्चिम एशिया संकट की वजह से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में जबरदस्त उछाल से सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों को पेट्रोल और डीजल पर नुकसान उठाना पड़ रहा है। पेट्रोलियम मंत्रालय में संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा के मुताबिक, कंपनियों को पेट्रोल पर 20 रुपये और डीजल पर करीब 100 रुपये प्रति लीटर का नुकसान हो रहा है। हालांकि, सरकार ने साफ किया है कि पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतों में इजाफे की फिलहाल कोई योजना नहीं है। विधानसभा चुनावों के बाद पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 25 से 28 रुपये प्रति लीटर की संभावित वृद्धि की खबरों को खारिज करते हुए पेट्रोलियम मंत्रालय ने कहा कि ऐसा कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। यह भी पढ़ें- पेट्रोल-डीजल की कीमत बढ़ाने की कोई योजना नहीं : केंद्र ऐसी खबरें ...