नई दिल्ली, मई 14 -- संयुक्त अरब अमीरात ने पिछले दिनों तेल उत्पादक मुस्लिम देशों के संगठन ओपेक से खुद को अलग कर लिया था। उसका कहना था कि इस संगठन में रहते हुए उसके ऊपर तेल उत्पादन की सीमा तय करने को लेकर बंधन रहता है। ऐसे में वह इससे बाहर रहना ही ठीक समझ रहा है। इस बीच पीएम नरेंद्र मोदी यूएई दौरे पर 15 मई को पहुंचने वाले हैं। उससे पहले यूएई स्थित भारतीय राजदूत दीपक मित्तल का कहना है कि इससे हमें फायदा मिलेगा। उन्होंने कहा कि मौजूदा हालात में भारत की ऊर्जा सुरक्षा यूएई के साथ संबंध बेहतर होने से बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि अब यदि यूएई की ओर से तेल उत्पादन में इजाफा होगा तो इसका फायदा हमें सीधे तौर पर मिलेगा। इसके अलावा हम अपने ऊर्जा स्रोतों का विविधिकरण भी कर सकेंगे। पीएम नरेंद्र मोदी के यूएई दौरे से पहले उन्होंने कहा कि हमारी संयुक्त अरब अमीरा...