चाईबासा, मार्च 20 -- नव वर्ष के पहले दिन गुरुवार को अलग-अलग समाज के लोगों ने अलग-अलग रूप में मनाया। तेलुगु और दक्षिण भारतीय समाज ने जहां उगादि मनाई, वहीं महाराष्ट्र के लोगों ने गुड़ी पड़वा मनाया। अन्य समाज के लोगों ने भी मंदिरों में पूजा कर दिन की शुरुआत की। तेलुगु समाज के लोग घर-घर में लोग सुबह से ही नव वर्ष मनाने की तैयारी में जुटे रहे। उगादि पर हर घर में आम, मधु, मिर्चा की पच्चड़ी (चटनी) बनाई गई। पूजा से पूर्व इस चटनी को बनाकर पूजा की गई। लोगों ने सुबह मंदिरों में जाकर पूजा कर पूरे साल की सुख समृद्धि का आशीर्वाद मांगा। समाज की महिलाओं ने पारंपरिक कपड़े पहने और शृंगार किया। बच्चों ने बड़े-बुजुर्गों का आशीर्वाद लिया। शाम को आंध्रा एसोसिएशन कदमा, बिष्टूपुर राम मंदिर, बारीडीह नोकालम्मा मंदिर सहित कई स्थानों पर कार्यक्रम का आयोजन हुआ। लोगों...