संतकबीरनगर, जून 22 -- हिन्दुस्तान टीम, संतकबीरनगर। युवाओं की बदलती लाइफ स्टाइल अब उनके लीवर की सबसे बड़ी दुश्मन बनती जा रही है। फास्ट फूड, मोटापा, शारीरिक श्रम की कमी व बढ़ते तनाव के चलते फैटी लीवर के मरीज तेजी से बढ़ रहे हैं। शुरुआती दौर में लक्षण नहीं दिखते हैं। समय पर जांच व जीवनशैली में सुधार ही इसका सबसे प्रभावी बचाव है। फैटी लीवर की बीमारी अब 20 से 35 वर्ष के युवाओं में भी तेजी से सामने आ रही है।

फैटी लीवर की बीमारी के कारण केजीएमयू लखनऊ से एमडी मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. गुलाम अख्तर ने बताया कि फैटी लीवर की बीमारी शुरुआती दौर में बिना किसी स्पष्ट लक्षण के बढ़ती रहती है। अधिकांश मरीजों में इसका पता तब चलता है, जब अल्ट्रासाउंड या फाइब्रो स्कैन जैसी जांच कराई जाती है। उन्होंने कहा कि मोटापा, मधुमेह, तला-भुना भोजन, जंक फूड, मीठे पेय पदार्थ,...