नई दिल्ली, मई 4 -- सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को किसी पर 'तेजाब हमले' को बर्बर कृत्य बताते हुए केंद्र सरकार से ऐसे अपराधों के लिए कानून में बदलाव कर सजा बढ़ाने और बेगुनाही साबित करने की जिम्मेदारी आरोपी पर डालने का सुझाव दिया। शीर्ष अदालत ने ऐसे अपराध में दोषी लोगों की संपत्ति जब्त करके पीड़ितों को मुआवजा देने का भी सरकार को सुझाव दिया। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ ने कहा कि तेजाब हमले के दोषियों के लिए अभी 5 से 7 साल की सजा है जो पर्याप्त नहीं है। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने तेजाब हमले के लिए निर्धारित सजा को अपर्याप्त होने को लेकर व्यक्त की गई अपनी राय दोबारा जाहिर की। उन्होंने कहा कि निर्भया सामूहिक दुष्कर्म व हत्या की घटना के बाद 2013 में आईपीसी में धारा 326बी जोड़े जाने के बाद भी, जिसमें कम से कम 5 सा...
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