बहराइच, दिसम्बर 10 -- तेजवापुर, संवाददाता। स्वास्थ्य विभाग जिलेवासियों को बेहतर सेवाएं देने का दावा तो कर रहा है, लेकिन धरातल पर उतना नहीं दिख रहा है। ग्रामीण अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी, बुनियादी सुविधाओं की दरकार, पौष्टिक, स्वच्छ पानी, शौचालय, स्वास्थ्य सेवाओं को पंख नहीं लगा पा रही हैं। किसी भी अस्पताल में सभी दवाएं, पूरा स्टाफ मौजूद नहीं है। इससे मरीजों को प्राइवे डॉक्टरों व मेडिकल कॉलेज आने पर विवश होना पड़ता है। हम बात करते हैं सीएचसी तेजवापुर की, तो यहां भी डॉक्टरों की कमी व बुनियादी सुविधाओं का बड़ा अभाव है। एक लाख से अधिक वाले क्षेत्र में तेजवापुर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रमपुरवा में डॉक्टरों का अभाव है। यहां प्रतिदिन 250 से अधिक मरीज ओपीडी में पहुंचते हैं। इसमें कई मरीजों को जांच की आवश्यकता पड़ती है। इसके साथ ही तमाम मरी...