नई दिल्ली, जून 9 -- तृणमूल कांग्रेस विधायक दल में विभाजन के बाद संसदीय दल में टूट की घटना दीवार पर लिखी एक ऐसी इबारत थी, जिसे कोई भी पढ़ सकता था। इसे सार्वजनिक करने के लिए बस उस दिन को चुना गया, जिस दिन पार्टी की मुखिया ममता बनर्जी 'इंडिया ब्लॉक' की बैठक में भाग लेने के लिए दिल्ली में थीं। तृणमूल का यह बिखराव एक राजनीतिक दल में टूट या दलबदल की घटना भर नहीं है, यह हमारी राजनीतिक संस्कृति पर एक निर्मम टिप्पणी भी है कि हमारे बहुत सारे जन-प्रतिनिधि अब सिद्धांतों से नहीं, सिर्फ सत्ता से संचालित होते हैं। चाहे वे दिल्ली की सत्ता से संचालित होते हों या राज्यों की राजधानियों में काबिज सत्ता से और इसके लिए कोई एक दल या पार्टी दोषी नहीं है; जिसे जहां मौका मिला, उसने वहीं राजनीतिक शुचिता और नैतिकता को उसी तरह ताक पर रखा, जैसे तृणमूल के विधायकों और स...