वाराणसी, अगस्त 21 -- वाराणसी, मुख्य संवाददाता। आधुनिक समाज में जब मानवीय मूल्य, सामाजिक समरसता, और नैतिक आदर्श कमजोर हो रहे हैं। ऐसे में तुलसीदास का साहित्य हमें एक नई दिशा प्रदान करता है। उन्होंने अपने काव्य के माध्यम से विभिन्न वर्गों, विचारों और संस्कृतियों के बीच अद्भुत समन्वय स्थापित किया। यह सार है तुलसी जयंती समारोह में वक्ताओं के कथन का। यह भी पढ़ें- तुलसीदास जयंती पर रामकथा में गूंजी राम नाम की महिमातुलसी जयंती समारोह तुलसी घाट पर गुरुवार सम्मेलन के दूसरे एवं अंतिम दिन वक्ताओं ने कहा कि गोस्वामी तुलसीदास ने मानस की रचना से लोकमंगल और लोक कल्याण किया है। हमसे कहीं ज्यादा विदेशी विद्वानों ने इस ग्रंथ का लाभ उठाया और पाश्चात्य की दिशा बदलने का काम किया। तुलसी युग नायक है। वह राम कथा के माध्यम से भारतीय संस्कृति का बेहतर निर्यात किया...