तुलसी साहित्य धार्मिक आस्था तक सीमित नहीं : प्रो सरोज
रांची, अगस्त 25 -- रांची, विशेष संवाददाता। रांची विश्वविद्यालय के स्नातकोत्तर हिंदी विभाग में मंगलवार को गोस्वामी तुलसीदास जयंती मनाई गई। इसमें साम्प्रतिक परिवेश में गोस्वामी तुलसीदास की महत्ता विषय पर गोष्ठी हुई। मुख्य अतिथि कुलपति प्रो सरोज शर्मा थीं। अध्यक्षता हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ हीरा नंदन प्रसाद ने की। इस अवसर पर प्रो सरोज शर्मा ने कहा कि तुलसी साहित्य सिर्फ धार्मिक आस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें आदर्श जीवन, कर्तव्यबोध, सामाजिक समरसता, नैतिकता, करुणा और मानवीय संबंधों की व्यापक दृष्टि समाहित है। उन्होंने बदलते सामाजिक संदर्भों में तुलसी साहित्य को नए दृष्टिकोण से समझने की आवश्यकता पर जोर दिया। वहीं, डॉ हीरा नंदन ने तुलसी साहित्य की विविधता पर चर्चा की।डॉ यह भी पढ़ें- विनोबा भावे विश्वविद्यालय में संपन्न हुआ तुलसी सप्ताह नियति क...
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